class 12th physics Wheatstone Bridge notes in hindi for Bihar and all board examination

By | July 31, 2022
व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge ) CLASS 12TH Phyiscs in hindi
व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge ) CLASS 12TH Phyiscs in hindi

Wheatstone bridge किसने बनाया था?

सबसे पहले हम जानेगे की व्हीटस्टोन सेतु किसने बनाया था? तो इसका answer है व्हीटस्टोन सेतु को इंग्लैंड के एक वैज्ञानिक प्रोफेसर चार्ल्स व्हीटस्टोन (C. F. Wheatstone) ने 1842 मे बनाया था जिसका उपयोग किसी भी चालक का प्रतिरोध ज्ञात करने मे किया जाता है।

व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge ) क्या है? What is Wheatstone bridge in hindi class 12th physics?

व्हीटस्टोन सेतु एक ऐसा व्यवस्था है जिसमें 4 प्रतिरोध, एक सेल तथा एक धारामापी को परस्पर जोड़कर एक ऐसा विशेष परिपथ बनाया जाता है जिसकी सहायता से किसी भी चालक का प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है।

अर्थात् व्हीटस्टोन सेतु एक ऐसा परिपथ है जिसमें 4 प्रतिरोध, एक सेल तथा एक धारामापी( गलवेनोमीटर) का उपयोग किया जाता है। तथा इन्हे एक चतुर्भुज के भुजा के रूप में जोड़ा जाता है।

व्हीटस्टोन सेतु की बनावट (construction of Wheatstone Bridges)

व्हीटस्टोन सेतु की बनावट कैसी होती है? What is construction of Wheatstone bridge )

व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge ) CLASS 12TH Phyiscs in hindi
व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge ) CLASS 12TH Phyiscs in hindi

व्हीटस्टोन सेतु मैं 4 प्रतिरोध P, Q, R तथा S को एक चतुर्भुज ABCD की चार भुजाओं के रूप में परस्पर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है।

चतुर्भुज ABCD का विकर्ण AC के सिरे A तथा C के बिच एक कूजी K1 तथा एक सेल( E) के द्वारा जोड़ दिया जाता है

चतुर्भुज ABCD के दुसरे विकर्ण BD के एक सिरे B तथा D के बिच एक धारामापी (GALVANOMETER) G लगा दिया जाता है और इसे K2 कुंजी के द्वारा जोड़ दिया जाता है|


Principle of Wheatstone Bridge (व्हीटस्टोन सेतु का सिद्धांत )

व्हीटस्टोन सेतु का कार्यकारी सिद्धांत सेतु की संतुलित अवस्था के सिद्धान्त पर आधारित है|

सेतु की संतुलित अवस्था(Balanced condition of Wheatstone Bridge)

सेतु की संतुलित अवस्था किसे कहा जाता है?(What is Balanced condition of Wheatstone Bridge):

यदि Wheatstone bridge में चतुर्भुज के रूप में जुड़े प्रतिरोधो के मान को इस प्रकार संयोजित किया जाये की सेल के कुंजी यानि की switch K1 तथा धारामापी की कुंजी K2 दोनों बंद करने पर धारामापी में कोई विक्षेप (Deflection) नहीं आये तो इस दशा में सेतु को संतुलित सेतु काहा जाता है |

व्हीटस्टोन सेतु की संतुलित आवस्था में चतुर्भुज की किन्ही दो संलगन भुजाओ मे लगे प्रतिरोध का अनुपात शेष दो भुजाओ में लगे प्रतिरोधो के अनुपात के बराबर होता है|

व्हीटस्टोन सेतु उपर दिए गये सिद्धान्त पर कार्य करता है |

अर्थात् P/Q =R/S, इसी अनुपात(ratio) को संतुलित अवस्था कहा जाता है|

जहाँ P,Q,R तथा S व्हीटस्टोन सेतु की भुजाओ में लगे प्रतिरोध हैं|


व्हीटस्टोन सेतु कैसे कार्य करता है (How Wheatstone Bridge Work)

चुकी व्हीटस्टोन सेतु के उपयोग किसी चालक के अज्ञात प्रतिरोध को पता लगाने के लिए करते हैं|

जिस चालाक का प्रतिरोध निकलना रहता है उस चालक को व्हीटस्टोन सेतु के भुजाओ के रूप में जोड़ देते है जैसे की प्रतिरोध P,Q,R तथा S को व्हीटस्टोन सेतु के भुजा में जोड़ा गया है|

चुकी P,Q,R, तथा S में से हमें किसी भी 3 प्रतिरोध जैसे P,S,R का हमें पता है तो हम आसानी से प्रतिरोध Q का मान पता लगा सकते हैं व्हीटस्टोन सेतु की संतुलित अवस्था का अनुपात को उपयोग करके |

इसलिए अज्ञात प्रतिरोध (Q) = S*(P/R)

तो उपर दिए गये Formula से हम प्रतिरोध Q का मान पता लगा सकते हैं यानि की हमे किसी चालक का प्रतरोध निकलना है तो उसको Q प्रतिरोध के स्थान पर जोड़कर उस चालक का प्रतिरोध निकाल सकते हैं|


व्हीटस्टोन सेतु से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और नोट्स

  • यदि व्हीटस्टोन सेतु के सनुत्लं अवस्था में व्हीटस्टोन सेतु में लगे सेल या बैटरी और धारामापी की स्थितियों को परस्पर बदल दिया जाए तो व्हीटस्टोन सेतु की संतुलित अवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है |
  • यदि किसी व्हीटस्टोन सेतु के धारामापी में कोई विक्षेप नहीं हो तो वह व्हीटस्टोन सेतु संतुलित सेतु कहलाता है|
  • व्हीटस्टोन सेतु के भुजा AC तथा भुजा BD को सेतु का संयुग्मी भुजा कहते(CONJUGATE) हैं |
  • व्हीटस्टोन सेतुकी संतुलित अवस्था में विकर्ण BD में लगा प्रतिरोध प्रभावहीन (Non-effective) होता है अर्थात् उस प्रतिरोध को हटा देने पर भी कोई अंतर नहीं आता है|

Sensitivity of Wheatstone Bridge( व्हीटस्टोन सेतु की सुग्रहिता)

व्हीटस्टोन सेतु की सुग्रहिता कि परिभाषा क्या है? (what is sensitivity of Wheatstone Bridge?)

यदि किसी व्हीटस्टोन सेतु की भुजाओ में लगे प्रतिरोध में अल्प परिवर्तन करने से इसके परिपथ में लगे धारामापी में बहुत अधिक विक्षेप(deflection) आता है तो वह व्हीटस्टोन सेतु सुग्राही(Sensitive) सेतु कहा जाता है|

अर्थात् प्रतिरोध के मान को हल्का सा भी change करने पर उस व्हीटस्टोन सेतु में लगे धारामापी के सुई में ज्यादा उछाल आये तो वह ब्रिज sensitive व्हीटस्टोन सेतु कहलाता है|

व्हीटस्टोन सेतु की सुग्राहिता को प्रभावित करने वाले कारक या कारण (Factors which affect Sensitivity of Wheatstone Bridge)

व्हीटस्टोन सेतु की सुग्राहिता को प्रभावित करने वाले कारक या कारण निम्नलिखित दो कारण हैं

  1. व्हीटस्टोन सेतु की चारो भुजाओ में लगे प्रतिरोधो के आपेक्षिक मान पर
  2. व्हीटस्टोन सेतु सेतु में लगे धारामापी तथा सेल की आपेक्षिक स्थिति पर
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