कम्प्यूटर मेमोरी क्या है ? what is computer memory and its type

By | March 21, 2022

कम्प्यूटर मेमोरी क्या है ? what is memory in computer and its type!

what is computer memory-2022

कम्प्यूटर मेमोरी को दो प्रकार से परिभाषित कर सकते हैं एक तो  टेकनिकल (Technical ) और दूसरा आम भासा में तो पहले हम टेक्नीकल परिभाषा आपको बताते हैं| 

मेमोरी बहुत से रजिस्टरो  का समूह (Group of Registers) है रजिस्टर क्या है तो रजिस्टर फ्लिप-फ्लॉप का एक समूह(Group of Flip-Flop) है अब् आप पूछेंगे की फ्लिप-फ्लॉप क्या है तो फ्लिप-फ्लॉप एक मेमोरी का सेल (कक्ष ) है जो एक बिट (bit ) को होने अंदर जमा मतलब की रख सकता है| एक बिट (bit ) मतलब 0 या 1

अब ये  0 या 1क्या है तो आपको बता दूँ ये digital code है जिसमे केवल दो हीं नंबर से पूरा काम हो जाता है यानि की कम्प्यूटर में कोई भी डाटा को सिर्फ  0 या 1 के रूप में स्टोर या रखा  किया जाता है | आपका पूरा कम्प्यूटर सिर्फ  0 या 1 इन दोनों कोड पे हीं काम करता है|  इसको Digital या  Binary Code कहा जाता है | 

अधिकतर सेमीकन्डक्टर मेमोरी में एक रजिस्टर या Memory location या Address location को 8 bits यानि की 1 Byte सन्देश को रखने या जमा करने के लिए डिजाईन किया जाता है | 

इसी कारण  मेमोरी को बाइट (BYTE ) के रूप में बताया या दर्शाया जाता है जैसे आप कभी मेमोरी खरीदने जायेंगे तो आपसे दुकानदार पूछेंगे की कितने kB(KILO BYTE), MB(MEGA BYTE), GB(GIGA BYTE), या  TB(TERA BYTE)  का लेंगे तो आपको जितने डाटा रखने होंगे उसके हिसाब से खरीद लेंगे |

मेमोरी कितने प्रकार का होता है - Types of Memory

मेमोरी दो प्रकार का होता है एक को प्रथमिक मेमोरी (Primary Memory)या अस्थायी मेमोरी या उडनशील मेमोरी तथा दूसरे को द्वितीयक मेमोरी (Secondary Memory)या स्थायी मेमोरी कहते हैं|

नोट :- यहाँ पर ROM और RAM  दोनों हीं RANDOM मेमोरी हैं मतलब की दोनों में से जो डाटा को उपयोग करने के लिए RANDOM यानि कहीं से भी लिया जा सकता है अर्थात, जो डाटा को आपके सामने लाने में बराबर का समय लेता है|

PRIMARY MEMORY क्या होता है ?

ये भी एक प्रकार का रजिस्टर होता है जो डाटा को जमा करता है और प्राइमरी मेमोरी कंप्यूटर के साथ बना हुआ आता है इसे आप निकल के अलग नहीं कर सकते हैं | 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में

RAM का पूरा नाम RANDOM ACCESS MEMORY होता है इसे VOLATILE मेमोरी भी कहा जाता है क्यूंकि कम्प्यूटर बंद करने के तुरंत बाद हीं यह डाटा को जल्दी से खो डाटा है और जैसे हीं आप अगली बार कंप्यूटर को कहलू करेंगे तो आपको डाटा को RESTORE करना पड़ता है|

और यह जल्दी हीं काम करना शुरू कर देता है इसलिए इसको QUICK MEMORY  भी कहा जाता है| 

RAM कितने प्रकार के होते हैं ?

TYPES OF RAM

DRAM-DYNAMIC RAM   अपने डाटा को अपने आप ही खो देता है  कंप्यूटर चालू  हो या बंद हो  इसलिए इसको  REFRESH  करना पड़ता है डाटा को बनाए रखने के लिए और यह SRAM से SLOW यानि की स्पीड काम होती है इसकी  और इसका साइज भी काम होता है | 

SRAM -STATIC RAM यह अपने डाटा को  कंप्यूटर चालू होने तक यानि की जबतक  कंप्यूटर चालू रहता है तबतक नहीं खोता है  STATIC RAM  का  स्पीड तेज होतास है DRAM से  और यह महंगा  होता है तथा SIZE  बड़ा होता है | और यह ज्यादा बिजली का उपयोग करता है | 

MAIN MEMORY क्या होती है कंप्यूटर में DYNAMIC RAM को हीं MAIN मेमोरी  उपयोग किया जाता है | 

CATCH MEMORY क्या होता है ?

 कंप्यूटर में STATIC RAM को हीं  CATCH मेमोरी  है | CATCH MEMORY का उपयोग  कंप्यूटर में जो डाटा जल्दी जल्दी प्रयोग होता  रहता है या  बार-बार प्रयोग होते रहता है उसको रखने के लिए प्रयोग  होता है| 

CATCH MEMORY   कंप्यूटर का सबसे तेज और सबसे महंगा  मेमोरी है| 

SDRAM – Synchronous Dynamic RAM  यह एक DRAM का भाग है  जो कि एक CYCLE में एक हीं बार डाटा को read  करता है 

DDR  क्या है ?

DDR  का पूरा नाम DOUBLE DATA RATE है ओर DDR दो गुना तेज होता है SDRAM से DDR दो बार डाटा को READ करता है एक CYCLE या एक चक्र में | 

ROM क्या होता है?-What is ROM in Computer

 ROM  को Non -volatile memory  कहा जाता है  क्योंकि ये अपने डाटा को कंप्यूटर बंद होने पर भी नहीं खोता है | और ROM को LONG TERM मेमोरी भी कहा जाता है और ROM को PERMANENT MEMORY भी कहा जाता है  क्योंकि अगर हम एक बार डाटा इसमें लिख देते हैं तो यह कभी भी नहीं खोता है। 
ROM का उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम OPERATING SYSTEM के DATA को SOTRE करने के  लिये किया  जाता है| अतः ROM को FIRMWARE भी कहा जाता है 
 

FIRMWARE   किसे कहा जाता है -WHAT IS FIRMWARE? 

FIRMWARE   एक प्रकार का DEVICE है  जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से मिलकर बना होता है  और इन दोनों में से डाटा को DELETE  खत्म नहीं किया जा सकता है जैसे कि डिजिटल कैमरा, मोबाइल OPERATING SYSYTEM 

BOOT ON  क्या होता है-WHAT IS BOOT  ON

BOOT ON  कंप्यूटर को चालू करने का एक प्रक्रिया होता है जब हम कंप्यूटर को BOOT ON करते हैं तो  कंप्यूटर में एक  BOOT STRAP LOADER बन जाता है जो की डाटा को ROM से RAM में  STORE करता  है | 
 BOOT STRAP LOADER  कंप्यूटर में कहीं भी  नहीं होता है यह अपने आप से बनता है  BOOT ON करने  के बाद और लिंक स्थापित करता है HARDWARE और सॉफ्टवेयर के बिच में |

ROM डाटा को कैसे रखता है-HOW ROM STORES THE DATA IN COMPUTER

ROM  इलेक्ट्रॉन और HOLEके रूप में डाटा को रखता है  क्योंकि यह एक अर्धचालक SEMICONDUCTOR का बना होता है  इसलिए इसमें से डाटा को खत्म करना असंभव  होता है| 
 

ROM कितने प्रकार के होते हैं -TYPES OF ROM

 ROM  तीन  प्रकार के होते हैं
PROM –Programable ROM, PROM  में केवल एक  बार लिखना संभव होता है और डाटा लिखने के  delete  नहीं किया जा सकता है जैसे  BLANK CD, BLANK DVD इत्यादि | 
और PROM में  एक बार डाटा लिखने के बाद ROM की  तरह काम करने लगता है| EPROM – EPROM को Erasable programable ROM कहा जाता है  EPROM में  डाटा को लिखना और मिटना  संभव है DATA को  DELETE करें  के लिए Burning process का उपयोग  किया जाता है जिसमे ULTRA VOILET RAY  किरण का उपयोग करते हैं | 
 
EEPROM –ELECTRICALLY ERASABLE PROGRAMABLE ROM कहा जाता है EEPROM में डाटा को लिखने और  मिटाने की पूरी आजादी रहती है कितनी बार  DELETE या  WRITE कर सकते हैं 
| EEPROM में भी  डाटा DATA को DELETE करने के लिए BURNING PROCESS का उपयोग करते हैं जिसमे ELECTRIC PULSE का उपयोग किया जाता है | 
 

स्थायी मेमोरी क्या है ?-SECONDARY MEMORY

SECONDARY MEMORY भी कई तरह के होते हैं जिनका CLASSIFICATION  वर्गीकरण  

ANALOG TYPE MEMORYOPTICAL या डिजिटल तथा SEMICONDUCTOR ये दो प्रकार हैं SECONDARY MEMORY के |

ANALOG TYPE MEMORY –जैसे की FLOPY DISC 

फ्लॉपी डिस्क के किनारे पर आयताकार फ्रेम तथा बिच में प्लेट की तरह गोल होता है जिसके ऊपर कवर लगया रहत है तथा फ्लॉपी डिस्क का क्षमता 1.5 MB होती है |

OPTICAL या DIGITAL – जैसे की CD, DVD, BLU-RAY DISC ये  DIGITAL DISC के अंतर्गत  आते हैं |

CD (COMPACT DISC )-

CD का आकर प्लेट की तरह CIRCULAR होती है तथा केंद्र पर एक छेद होती है और CD प्लास्टिक का बना होता है जिस पर अलुमिनियम का कवर लगया जाता है | CD capcity लगभग 700 MB होती है |

DVD

DVD भी CD की तरह हिन् होता है परन्तु इसकी क्षमता कद से ज्यादा होती है लगभग 4.7 GB 

BLU RAY DISC

BLU RAY DISC की क्षमता लगभग 6 GB से 60GB होती है BLU RAY DISC भीCD ,DVD के  सामान हीं काम करता है परन्तु BLU RAY DISC की स्टोरेज के लिए BLUE COLOR के लाइट का प्रयोग किआ जाता है|

SEMICONDUCTOR पे आधारित मेमोरी – जैसे की FLASH DRIVE, SSD SOLID STATE DRIVE,पेन ड्राइव PEN ड्राइव etc , जिनकी स्पीड ज्यादा होती है OPTICAL MEMORY से। 

 FLASH DRIVE में डाटा का read और write और मिटाना बहुत तेजी से होता है इसलिए इनको FLASH DRIVEकहते हैं | इसमें इलेक्ट्रान के रूप में डाटा का लेन तथा देन होता है |

मैं आशा करता हूँ की मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से आप बहुत कुछ सीखेंगे और उसपर विचार करेंगे | और आपसे निवेदन करता हूँ की अगर कोई भी सुझाव है तो बिना देर किये हमसे संपर्क करे हमरे ईमेल पर|

Thank you sir!